परिचय
संस्कृत और हिंदी के विद्वान कवि, तथा आचार्य विद्यासागर के गुरु, जिन्हें उन्होंने 1972 में आचार्य पद सौंपा और फिर अपने शिष्य के निर्देशन में समाधि ली। भारतीय डाक विभाग ने 2013 में उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया।
विवरण
- दीक्षा से पूर्व नाम
- भूरामल छाबड़ा (शांति कुमार)
- जन्म
- 1891 (कुछ स्रोत 24 अगस्त 1897 बताते हैं)
- जन्मस्थान
- राणोली, सीकर ज़िला, राजस्थान
- माता-पिता
- चतुर्भुज छाबड़ा और घृतभरी देवी
- दीक्षा गुरु
- आचार्य शिवसागर (मुनि दीक्षा)
- परंपरा
- आचार्य शांतिसागर → वीरसागर → शिवसागर
- समाधि
- 1973 — नसीराबाद, अजमेर ज़िला, राजस्थान
- कृतियाँ और प्रेरणा
- संस्कृत महाकाव्य और जैन ग्रंथ, जिनमें जयोदय और वीरोदय सम्मिलित हैं
दीक्षा यात्रा
- आचार्य वीरसागर से क्षुल्लक दीक्षा — नाम क्षुल्लक ज्ञानभूषण
- 1959 — मुनि दीक्षा, खानियाजी, जयपुर
- 7 फ़रवरी 1969 — आचार्य पद, नसीराबाद, राजस्थान
स्रोत: Wikipedia — Gyansagar; DigJainWiki

