जिनेंद्र की वाणी
जैन धर्म को जानें, सरल और सच्चे रूप में।
जैन दर्शन, 24 तीर्थंकर, पर्व और दैनिक आचरण की स्पष्ट व्याख्या — हिन्दी, English और ಕನ್ನಡ में, जिनवाणी यूट्यूब चैनल पर वीडियो के साथ।
णमोकार मंत्र
- णमो अरिहंताणं
- णमो सिद्धाणं
- णमो आयरियाणं
- णमो उवज्झायाणं
- णमो लोए सव्व साहूणं
एसो पंच णमोक्कारो, सव्व पावप्पणासणो।
मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवइ मंगलं॥
Namo Arihantanam · Namo Siddhanam · Namo Ayariyanam · Namo Uvajjhayanam · Namo Loe Savva Sahunam
चौबीस तीर्थंकर
24 तीर्थंकरों से परिचय
कृषि और लेखन सिखाने वाले ऋषभनाथ से भगवान महावीर तक। किसी तीर्थंकर पर टैप करके उनकी कथा पढ़ें।
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जैन धर्म
जैन धर्म क्या है, भगवान महावीर, आत्मा और कर्म, दोनों परंपराएँ और पर्व।
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णमोकार मंत्र, पाँच व्रत, अनेकांतवाद और दैनिक आचरण।
आगे पढ़ें →विरासत
पूरे भारत के तीर्थ, मंदिर, गुफाएँ और ग्रंथ भंडार।
आगे पढ़ें →गुरु
वे आचार्य, मुनि और आर्यिकाएँ जिन्होंने यह उपदेश हम तक पहुँचाया।
आगे पढ़ें →मार्ग
रत्नत्रय — तीन रत्न
जैन धर्म सिखाता है कि मोक्ष तीन गुणों के एक साथ पालन से प्राप्त होता है।
सम्यक् दर्शन
सही श्रद्धा
वास्तविकता को जैसी है वैसी देखना — आत्मा के सच्चे स्वरूप और मार्ग पर श्रद्धा।
सम्यक् ज्ञान
सही ज्ञान
आत्मा, पुद्गल और कर्म को बिना संशय और भ्रम के समझना।
सम्यक् चारित्र
सही आचरण
उस ज्ञान को जीना — दैनिक जीवन में अहिंसा, सत्य और संयम।
अपने गुरुओं का स्मरण
आचार्य विद्यासागर
पचास से अधिक वर्षों तक वे नंगे पाँव पूरे भारत में विहार करते रहे। उन्होंने लगभग पाँच सौ मुनियों और अनेक आर्यिकाओं को दीक्षा दी, बालिकाओं के विद्यालयों, गौशालाओं और हथकरघा के पुनरुद्धार की प्रेरणा दी, और मूकमाटी की रचना की — आत्मा की यात्रा का हिंदी महाकाव्य।
- 1968
- अजमेर में मुनि दीक्षा
- ~500
- मुनियों को दीक्षा दी
- 2024
- डोंगरगढ़ में समाधि
यूट्यूब पर
भक्ति गीत और वीडियो
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जैन कथाओं, सूत्रों और पर्वों पर भक्ति गीत और वीडियो — जिनवाणी यूट्यूब चैनल से। पहली प्रस्तुतियाँ जल्द आ रही हैं।

