उनका नाम सद्बुद्धि पर है, और इस नाम के पीछे एक कथा है। एक ही घर की दो स्त्रियाँ एक ही बालक पर दावा करती थीं, और यह मामला बिना निर्णय के राजदरबार तक पहुँचा। गर्भवती रानी ने ऐसा सटीक निर्णय दिया कि झूठा दावा करने वाली पीछे हट गई — और परंपरा उस स्पष्टता का श्रेय उनके गर्भस्थ जीव को देती है। सु-मति: उत्तम बुद्धि।
विवादित बालक के न्याय की कथा प्राचीन विश्व में अनेक स्थानों पर कही जाती है। जैन रूप में यह बुद्धि किसी राजा के बजाय एक अजन्मे तीर्थंकर से आती है।

