तीर्थंकर

एक नज़र में चौबीस तीर्थंकर

चौबीस में से बीस ने एक ही पर्वत पर निर्वाण पाया — सम्मेद शिखरजी (पारसनाथ पहाड़, झारखंड), जैनों का सबसे पवित्र तीर्थ। चार अपवाद: ऋषभ — अष्टापद, वासुपूज्य — चंपापुरी, नेमिनाथ — गिरनार, और महावीर — पावापुरी।

#नामजन्ममाता-पिताचिह्नवर्णयक्ष / यक्षीनिर्वाण
1ऋषभनाथअयोध्या (विनीता)नाभि और मरुदेवीबैलस्वर्णगोमुख / चक्रेश्वरीअष्टापद पर्वत (कैलाश)
2अजितनाथअयोध्याजितशत्रु और विजयाहाथीस्वर्णमहायक्ष / रोहिणीसम्मेद शिखरजी
3संभवनाथश्रावस्तीजितारि और सेनाघोड़ास्वर्णत्रिमुख / प्रज्ञप्तिसम्मेद शिखरजी
4अभिनंदननाथअयोध्यासंवर और सिद्धार्थाबंदरस्वर्णयक्षेश्वर / वज्रशृंखलासम्मेद शिखरजी
5सुमतिनाथअयोध्यामेघरथ और मंगलाचकवा पक्षी (चक्रवाक) (D) · क्रौंच पक्षी (S)स्वर्णतुंबुरु / पुरुषदत्तासम्मेद शिखरजी
6पद्मप्रभकौशांबीश्रीधर और सुसीमालाल कमलरक्त (लाल)कुसुम / मनोवेगासम्मेद शिखरजी
7सुपार्श्वनाथवाराणसीसुप्रतिष्ठ और पृथ्वीस्वस्तिकस्वर्ण / हरितमातंग / कालीसम्मेद शिखरजी
8चंद्रप्रभचंद्रपुरी, वाराणसी के निकटमहासेन और लक्ष्मणाअर्धचंद्रश्वेतविजय / ज्वालामालिनीसम्मेद शिखरजी
9सुविधिनाथकाकंदीसुग्रीव और रामा (सुप्रिया)मकर (मगरमच्छ)श्वेतअजित / महाकालीसम्मेद शिखरजी
10शीतलनाथभद्दिलपुरदृढ़रथ और नंदाकल्पवृक्ष (मनोवांछित फल देने वाला वृक्ष) (D) · श्रीवत्स (S)स्वर्णब्रह्म / मानवीसम्मेद शिखरजी
11श्रेयांसनाथसिंहपुरी, सारनाथ के निकटविष्णुराज और विष्णुदेवीगैंडास्वर्णईश्वर / गौरीसम्मेद शिखरजी
12वासुपूज्यचंपापुरी (भागलपुर, बिहार)वसुपूज्य और जयाभैंसारक्त (लाल)कुमार / गांधारीचंपापुरी
13विमलनाथकांपिल्यकृतवर्मा और श्यामासूअर (वराह)स्वर्णषण्मुख / वैरोटीसम्मेद शिखरजी
14अनंतनाथअयोध्यासिंहसेन और सुयशासेही (D) · बाज़ (श्येन) (S)स्वर्णपाताल / अनंतमतीसम्मेद शिखरजी
15धर्मनाथरत्नपुरीभानु और सुव्रतावज्रस्वर्णकिन्नर / मानसीसम्मेद शिखरजी
16शांतिनाथहस्तिनापुरविश्वसेन और अचिराहिरणस्वर्णगरुड़ / महामानसीसम्मेद शिखरजी
17कुंथुनाथहस्तिनापुरशूरसेन और श्रीदेवीबकरास्वर्णगंधर्व / विजयासम्मेद शिखरजी
18अरनाथहस्तिनापुरसुदर्शन और देवी (मित्रा)मछली (D) · नंद्यावर्त (S)स्वर्णकेंद्र / अजितासम्मेद शिखरजी
19मल्लिनाथमिथिलाकुंभ और प्रभावतीकलश (जल-पात्र)नीलकुबेर / अपराजितासम्मेद शिखरजी
20मुनिसुव्रतराजगृहसुमित्र और पद्मावतीकछुआश्याम (काला)वरुण / बहुरूपिणीसम्मेद शिखरजी
21नमिनाथमिथिलाविजय और वप्रानीलकमलस्वर्णभृकुटि / चामुंडीसम्मेद शिखरजी
22नेमिनाथशौरीपुर, मथुरा के निकटसमुद्रविजय और शिवादेवीशंखश्याम (काला)गोमेध / अंबिकागिरनार पर्वत
23पार्श्वनाथवाराणसीअश्वसेन और वामादेवीसर्पनील-हरितधरणेंद्र / पद्मावतीसम्मेद शिखरजी
24महावीरक्षत्रियकुंड, वैशाली के निकटसिद्धार्थ और त्रिशलासिंहस्वर्णमातंग / सिद्धायिकापावापुरी

चिह्न दिगंबर परंपरा के अनुसार हैं; जहाँ श्वेतांबर चिह्न भिन्न है, वह भी दिया गया है। माता-पिता के नाम ग्रंथों में थोड़े भिन्न हैं। D = दिगंबर, S = श्वेतांबर।

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