विरासत · मध्य भारत

कुंडलपुर (बड़े बाबा)

दमोह ज़िला, मध्य प्रदेश

तीर्थदिगंबरसिद्धक्षेत्र
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Kundalpur (Bade Baba)

दमोह ज़िले की एक पहाड़ी पर साठ से अधिक दिगंबर मंदिर, और शिखर पर बड़े बाबा — लगभग 15 फुट ऊँची प्राचीन विराजमान ऋषभनाथ प्रतिमा, जिससे पूरा मध्य भारत जुड़ा है।

काल
मंदिर 8वीं शताब्दी से; नया मंदिर 1997 से
स्मरणीय
बड़े बाबा की प्राचीन प्रतिमा; श्रीधर केवली का मोक्षउनकी कथा पढ़ें
स्थान
दमोह ज़िला, मध्य प्रदेश

इतिहास

यह कुंडलपुर — नालंदा के पास वाला कुंडलपुर नहीं, जिसे दिगंबर महावीर की जन्मभूमि मानते हैं — दमोह ज़िले में वर्धमान सागर नामक तालाब के पास एक छोटी पहाड़ी है। जैन परंपरा इसे वह स्थान मानती है जहाँ श्रीधर केवली ने मोक्ष प्राप्त किया, इसीलिए यह सिद्धक्षेत्र है। पहाड़ी पर और तलहटी में लगभग तिरसठ मंदिर हैं; 1884 के एक विवरण में ऊपर बीस और नीचे तीस मंदिर गिने गए थे, अर्थात् क्षेत्र लगातार बढ़ता रहा है।

सबसे प्राचीन मंदिर में बड़े बाबा विराजमान हैं: लगभग 15 फुट ऊँची ऋषभनाथ की पद्मासन प्रतिमा, तीन फुट ऊँचे पीठ पर, जिसके दोनों ओर उतनी ही ऊँचाई की पार्श्वनाथ प्रतिमाएँ हैं। विद्वान इस शिल्प को गुप्तोत्तर शताब्दियों का मानते हैं और इसके चारों ओर बने पहले मंदिर को आठवीं शताब्दी का। वह मंदिर 1701 में पुनर्निर्मित हुआ, जब भट्टारक सुरेंद्रकीर्ति ने बुंदेला शासक छत्रसाल के सहयोग से क्षेत्र का जीर्णोद्धार कराया।

1997 से यहाँ आचार्य विद्यासागर (1946–2024) के मार्गदर्शन में नागर शैली का विशाल नया पाषाण मंदिर बना, जो लंबे समय तक कुंडलपुर में रहे। 17 जनवरी 2006 को बड़े बाबा को उसमें विराजमान किया गया — समाज और ज़िला प्रशासन के बीच तनाव के बाद, जो शांतिपूर्वक सुलझ गया। 2022 के पंचकल्याणक महोत्सव में विशाल जनसमूह उमड़ा, और वार्षिक मेला आज भी मार्च में होली के बाद लगता है।

क्या देखें

  • नए पाषाण गर्भगृह में माला पहने विराजमान बड़े बाबा
  • मुख्य मंदिर के सामने खड़ा 90 फुट ऊँचा मानस्तंभ
  • वर्धमान सागर तालाब के बीच बना जल मंदिर
  • दर्जनों श्वेत शिखरों के बीच चढ़ता सीढ़ीदार मार्ग

यात्रा की तैयारी

कुंडलपुर निकटतम रेलवे स्टेशन दमोह से लगभग 35 किमी दूर है; निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर है। होली के बाद का मेला सबसे व्यस्त समय होता है। यात्रियों के लिए धर्मशालाएँ हैं। नंगे पाँव चढ़ें, चमड़ा साथ न ले जाएँ और शालीन वस्त्र पहनें।

मानचित्र पर देखें23.9800° N, 79.7242° E

स्रोत: कुंडलपुर और बड़े बाबा मंदिर पर विकिपीडिया लेख, जैन हेरिटेज सेंटर्स, और दिगंबर तीर्थ-क्षेत्र विवरण।