विरासत · पूर्व

पावापुरी

नालंदा ज़िला, बिहार

तीर्थदोनों परंपराएँसिद्धक्षेत्र
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Pavapuri

जहाँ भगवान महावीर ने कार्तिक अमावस्या की रात निर्वाण प्राप्त किया — वही रात जिसे जैन दीपावली के रूप में मनाते हैं — कमल सरोवर के बीच श्वेत संगमरमर का मंदिर इसका साक्षी है।

काल
महावीर का निर्वाण, परंपरा से 527 ईसा पूर्व; जल मंदिर बाद में बना
स्मरणीय
महावीर का निर्वाण; गौतम स्वामी का केवलज्ञानउनकी कथा पढ़ें
स्थान
नालंदा ज़िला, बिहार

इतिहास

नालंदा ज़िले का पावापुरी वह स्थान है जहाँ महावीर ने अंतिम देशना दी और कार्तिक अमावस्या की भोर में निर्वाण प्राप्त किया; परंपरा इसे 527 ईसा पूर्व मानती है। उसी अवसर पर उनके प्रमुख शिष्य गौतम इंद्रभूति को केवलज्ञान हुआ। कहा जाता है कि काशी और कोसल के मल्ल तथा लिच्छवि गणनायकों ने उस रात दीप जलाए ताकि ज्ञान का प्रकाश बुझ न जाए — यही जैन दीपावली का मूल है।

जल मंदिर उसी स्थान पर है जहाँ महावीर के शरीर का अंतिम संस्कार हुआ। परंपरा कहती है कि उनके बड़े भाई नंदिवर्धन ने वहाँ पहला मंदिर बनवाया। भक्त इतनी मिट्टी ले गए कि चारों ओर सरोवर बन गया; कमल सरोवर नामक यह तालाब लगभग 84 बीघा में फैला है और ऋतु में कमलों से भर जाता है। लगभग 600 फुट लंबा पत्थर का पुल जल को पार कर श्वेत संगमरमर के मंदिर तक जाता है, जहाँ महावीर की चरण पादुका विराजमान है।

जल मंदिर के पास नगर में पुराने मंदिरों का समूह है — गाँव मंदिर और समवसरण मंदिर उनमें हैं — जिनकी सेवा दिगंबर और श्वेतांबर दोनों समाज करते हैं। कुछ विद्वानों का मत है कि ग्रंथों की प्राचीन पावा कहीं और थी, पर सदियों से इस स्मृति का जीवंत केंद्र पावापुरी ही रहा है। दीपावली की रात यहाँ निर्वाण महोत्सव के रूप में मनाई जाती है, और जैन संवत् — वीर निर्वाण संवत् — उसी रात से गिना जाता है।

क्या देखें

  • कमल सरोवर को पार कर मंदिर तक जाता लगभग 600 फुट लंबा पत्थर का पुल।
  • जल मंदिर के भीतर विराजमान महावीर की चरण पादुका।
  • सरोवर के कमल और मछलियाँ, जिन्हें वर्ष भर पुजारी और यात्री दाना देते हैं।
  • सरोवर से थोड़ी दूर पुराने गाँव मंदिर और समवसरण मंदिर।

यात्रा की तैयारी

पावापुरी पटना से लगभग 101 किमी और राजगीर से 19 किमी है; पटना हवाई अड्डा लगभग 90 किमी दूर। पुल से पहले जूते उतारने होते हैं। सादे वस्त्र पहनें, और दीपावली पर बहुत भीड़ की अपेक्षा रखें।

मानचित्र पर देखें25.0911° N, 85.5386° E

स्रोत: विकिपीडिया, बिहार पर्यटन, नालंदा ज़िला पोर्टल और जैन तीर्थ निर्देशिकाएँ।